महिला-पुरुष का इस समय मिलना, 7 जन्मों तक देता है कष्ट, बनाता है रोगी और दरिद्र

महिला-पुरुष का इस समय मिलना, 7 जन्मों तक देता है कष्ट, बनाता है रोगी और दरिद्र


शास्त्रों में मनुष्य के जीवन जीने से संबंधित बहुत से नियम निर्धारित किए गए हैं। जिनका पालन करने से वह सुख-समृद्धी भोग सकते हैं। लेकिन व्यक्ति यदि इन परंपराओं के अनुरूप जीवन नहीं जीता तो उसे न केवल इस जन्म में बल्कि अगले जन्मों में भी कष्ट सहना पड़ता है। वैवाहिक जीवन में प्यार के साथ-साथ शारीरिक संबंधों की जरूरत हर पुरुष और महिला को होती है लेकिन शास्त्रों के अनुसार कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

शास्त्रों में मनुष्य के जीवन जीने से संबंधित बहुत से नियम निर्धारित किए गए हैं। जिनका पालन करने से वह सुख-समृद्धी भोग सकते हैं। लेकिन व्यक्ति यदि इन परंपराओं के अनुरूप जीवन नहीं जीता तो उसे न केवल इस जन्म में बल्कि अगले जन्मों में भी कष्ट सहना पड़ता है। वैवाहिक जीवन में प्यार के साथ-साथ शारीरिक संबंधों की जरूरत हर पुरुष और महिला को होती है लेकिन शास्त्रों के अनुसार कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार दिन के किसी भी पहर में विशेषकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय महिला-पुरुष को संबंध नहीं बनाने चाहिए अन्यथा आने वाले 7 जन्मों तक व्यक्ति रोगी और दरिद्र होता है। 


ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार दिन के किसी भी पहर में विशेषकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय महिला-पुरुष को संबंध नहीं बनाने चाहिए अन्यथा आने वाले 7 जन्मों तक व्यक्ति रोगी और दरिद्र होता है। 

महाभारत के अनुशासन पर्व बताता है कि अमावस्या पर संबंध बनाने पर नीच योनी जैसे कीट, पशु, कीड़े आदि में जन्म मिलता है और नर्क की यातना भोगनी पड़ती है।

महाभारत के अनुशासन पर्व बताता है कि अमावस्या पर संबंध बनाने पर नीच योनी जैसे कीट, पशु, कीड़े आदि में जन्म मिलता है और नर्क की यातना भोगनी पड़ती है




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